कोरोनाकाल का फायदा उठा कंपनी को 1 करोड़ से अधिक का चूना लगाने का मामला..

# Neeraj Makhija | 19 Feb, 2023

बिलासपुर/- मेडिकल सर्जिकल सामान बेचने वाली कंपनी के बिल व वाउचरों में गड़बड़ी कर ब्रांच इंचार्ज ने 1 करोड़ 4 लाख 22 हजार रुपए की गड़बड़ी की। कंपनी के मैनेजर की रिपोर्ट पर पुलिस ने उसके खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी लोकेश्वर सिंह बघेल सहित सामान खरीदारों को गिरफ्तार किया है। लोकेश्वर सिंह को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। केस के 2 अन्य आरोपी भिलाई व रायपुर से पकड़े गए..

मेड स्मार्ट लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मुख्यालय चेन्नई के मैनेजर जे रामकुमार पिता स्व. जेवी रमाणैया (40) ने 7 सितंबर 2022 को एफआईआर एफआईआर दर्ज कराई थी। वे भुवनेश्वर में पदस्थ हैं। मेड स्मार्ट लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सर्जिकल कार्यों में उपयोग आने वाली चीजें जैसे ग्लॅब्स, मास्क, आईवी फ्लूईड को सीधे उत्पादक व अधिकृत वितरक से खरीद कर अस्पतालों में सप्लाई करती है..

तोरवा देवरीखुर्द निवासी लोकेश्वर सिंह एग्जीक्यूटिव व ब्रांच का इंचार्ज था। खरीदी बिक्री का बिल हर माह के अंत में मुख्यालय चेन्नई भेजी जाती है। कम्प्यूटर में एंट्री का भी विवरण साथ में जाता है। 2019 से लोकेश्वर सिंह ने कंपनी के काम में गड़बड़ी शुरू की। उसने अपोलो हॉस्पिटल को खरीददार बता कर उनके नाम से बिल बनाया पर सामान को खुले मार्केट में बेच दिया। फर्जी रसीद बनाकर कंपनी को नुकसान पहुंचाया..

कोविड के चलते ऑडिट नही..

कम्पनी का हर साल ऑडिट होता हैं,लेकिन दो साल कोविड़ के वजह से ऑडिट नही हो पाया,इसी का फायदा उठाकर लोकेश्वर सिंह कम्पनी का भेजे समान को खुले बाजार में बेच देता और उसका फर्जी बिल बनाकर कम्पनी के अधिकारियों को दिखा देता था,जब अपोलो से बिल की रकम नही मिली,तब लोकेश्वर के फर्जीवाड़े का कम्पनी को पता चला...

5 लाख लौटाए फिर आनाकानी...

पुलिस के मुताबिक जब कम्पनी पर दबाव डाला तो उसने गबन की बात कबूलते हुए 5 लाख रुपए वापस भी कर दिए,लेकिन शेष रकम वापस करने में वह आनाकानी करने लगा,जिसके बाद इसकी शिकायत पुलिस से की गई,आरोपियों को पकड़ने में एसआई बी.आर. सिन्हा,प्रधान आरक्षक विनोद यादव,प्रमोद सिंह,संगीता नेताम,आरक्षक मिथिलेश सोनी,राहुल सिंह,विवेक राय,भागवत चंद्राकार,सोनू पाल,अविनाश कश्यप सहित अन्य की भूमिका रही..

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