घुंगरू की थिरकन और तबले की ताल से गूंज उठा मंच,4 दिवसीय "प्रणवम -2022" के तीसरे दिन भी जमकर थिरके प्रतिभागी..

# Neeraj Makhija | 04 Sep, 2022

बिलासपुर(डेस्क)/- साई नृत्य निलयम बिलासपुर द्वारा 4 दिवसीय शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत प्रतियोगिता का आयोजन 1 सितंबर से 4 सितंबर तक इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय, सरकंडा बिलासपुर के ऑडिटोरियम में करवाया जा रहा हैं,जिसमें पूरे देश भर के लगभग 550 से भी अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं..

 

इस महोत्सव का शुभारंभ 1 सितम्बर को मुख्य अतिथि नगर विधायक शैलेश पांडेय,विशिष्ट अतिथि घनश्याम प्रजापति मुख्य महाप्रबंधक, NTPC एवं डॉ. आर. के. एस. तिवारी, डीन, इंदिरा गांधी कृषि महावियालय, बिलासपुर ने किया था...

 

बता दे आपको यह बिलासपुर शहर की सबसे बड़ी प्रतियोगिता हैं जहां देश के 7 राज्यो से 500 से अधिक कलाकारों द्वारा पंजीयन करवाया गया हैं,पहले और दूसरे दिन लगभग 200 से अधिक कलाकारों ने अपने नृत्य प्रस्तुत किये,जिसमे प्रत्येक दिन कलाकारों को प्रशस्ति पत्र व शील्ड से पुरुस्कृत किया जा रहा है,साथ ही आउट स्टैंडिग पहला,दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त करने वालो को शीर्षक के साथ सम्मानित किया जा रहा हैं..

प्रतिदिन की तरह शनिवार को भी बिलासपुर कोरबा,खरसिया,रायपुर रायगढ़,नागपुर,पश्चिम बंगाल,उड़ीसा से प्रतिभागी कलाकारों ने कथक,भरतनाट्यम,कुचिपुड़ी,सेमी क्लासिकल नृत्य के साथ ही गायन प्रतियोगिता भी संपन्न हुई कुल,जिसमें कुल 116 प्रतिभागियों ने अपनी कला का सफल प्रदर्शन किया..

 

संस्थापिका गुरु श्वेता नायर ने बताया कि प्रतिभागियों के प्रदर्शन के पश्चात पुरस्कार वितरण किया गया जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त कलाकारों को नविस्ता,द्वितीय स्थान को कला तेजस्विनी तथा तृतीय स्थान प्राप्त कलाकारों को कला तपस्वी से सम्मानित किया गया,वही शहर की आराध्या मिश्रा ने भी सब जूनियर केटेगरी में दूसरा स्थान प्राप्त कर गौरान्वित किया हैं...

 

इस दौरान गुरु वासंती वैष्णव,मोरध्वज वैष्णव,सोनू नकशने, मौसमी साहा,जौली मुखर्जी,चांदनी राय चौधरी,जय श्री गोजे,रामप्रसाद सारथी,रितु श्री राय,मोना आनंद प्रशांत और दी प्रियंका को शॉल,प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया गया..

वही कार्यक्रम में जज के रूप में गायन और वादन के लिए आर.एल बघेल व अविनाश बघेल तथा नृत्य के लिए डॉक्टर रिचा ज्योतिंद्र ठाकुर व सोमा मंडल उपस्थित रहे

साई नृत्य निलयम की संस्थापिका एवं गुरु श्वेता नायर ने कहा की प्रणवम महोत्सव एक ऐसा प्रयास है जहां पूरे भारतवर्ष से शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत से जुड़े कलाकर अपनी प्रतिभा दिख सके,आने वाले वर्षो में इसे और भी ऊंचाई में ले जाने का प्रयास जारी रहेगा..

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