योगेश पांडेय के जलवे तो देखिए जेल की बजाएं पहुँचा हॉस्पिटल,सोशल मीडिया में भी बड़े नेताओं के साथ हैं तस्वीरे..

# Neeraj Makhija | 06 Feb, 2022

बिलासपुर/- बिलासपुर पुलिस ने पोस्टिंग के नाम पर रकम लेने वाले शिक्षक सहित उसके सरगना को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की हैं,उक्त मामलें का खुलासा करते हुए पुलिस कप्तान पारुल माथुर ने बीते दिन खुलासा किया था ..

वही अब उक्त मामलें में नए नए मोड़ देखने को मिल रहे हैं,सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर में शिक्षकों की पोस्टिंग घोटाला मामले में आरोपी योगेश पांडेय सर्व शिक्षक संघ का प्रदेश संगठन मंत्री भी रहा है,वही गिरफ्तारी पश्चात उसका राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख के दावा भी सामने आया है,यही वजह है कि शनिवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेजने के बजाए CIMS अस्पताल में भर्ती करा दिया गया हैं,ऐसे में अब इस रिश्वत कांड में विभाग के अफसरों को बचाने का खेल भी शुरू हो गया है,इधर पुलिस इस मामले में अब एक कंप्यूटर ऑपरेटर को दबोचने की तैयारी में है..

मालूम कुछ दिनों पूर्व शिक्षकों की पोस्टिंग को लेकर सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो को सामने लाया था,इसमें मुख्य आरोपी टीचर नंदकुमार साहू अपने आप को अफसरों से पहुंच होने का दावा कर मनचाही जगहों पर पोस्टिंग के लिए 90 हजार रुपए की डिमांड कर रहा था,इस खबर के बाद शिक्षा विभाग के अफसरों की नींद उड़ गई,वही IG रतनलाल डांगी के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी,पुलिस की साइबर सेल की मदद से शिक्षक नंदकुमार साहू के मोबाइल की जांच की गई,तब सर्व शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री योगेश पांडेय का नाम भी सामने आया,जांच के बाद शुक्रवार शाम पुलिस ने दोनों शिक्षक को पकड़कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया..

जेल की जगह पहुंचा अस्पताल

बताया जा रहा है कि शिक्षक नेता योगेश पांडेय की राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख के चलते उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल की बजाए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया,कोर्ट को मेडिकल रिपोर्ट के साथ बताया गया कि उसका ब्लडप्रेशर लो हो गया है,लिहाजा कोर्ट ने उसे CIMS अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया,मामले में गिरफ्तार आरोपी योगेश पांडेय सोशल मीडिया में भी बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की थी..

वही दूसरी ओर शिक्षक पोस्टिंग के इस भ्रष्टाचार में पुलिस की जांच पर भी सवाल उठने लगा है,ऐसा इसलिए क्योंकि सौदा करने वाले शिक्षक नंदकुमार साहू और योगेश पांडेय बिना किसी अधिकारी के सहयोग या मिलीभगत से पोस्टिंग कैसे करा सकते हैं,न तो दोनों नियुक्तिकर्ता अधिकारी हैं और न ही उनकी हस्ताक्षर से पोस्टिंग हो सकती है,दोनों आरोपी शिक्षक विभागीय अधिकारियों के मोहरा मात्र हैं,फिर भी पुलिस की जांच अभी तक उस दिशा में नहीं पहुंची है कि उन्हें लिस्ट कहां से और कैसे मिली,इस पूरे रिश्वत कांड में कौन-कौन अधिकारी शामिल हैं उनके नाम को भी उजागर नहीं किया गया है,हालांकि पुलिस अफसर अभी जांच के बाद शिक्षा विभाग के अफसरों तक भी पहुंचने का दावा कर रहे हैं.. वही पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टिंग घोटाले में योगेश पांडेय ने एक कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा सूची उपलब्ध कराने का दावा किया है,लेकिन सिर्फ सूची उपलब्ध कराने से पोस्टिंग कैसे हो सकती है,फिर भी उसके बयान के आधार पर अब पुलिस उस कम्प्यूटर ऑपरेटर को आरोपी बनाकर गिरफ्तार करने की तैयारी में है,ऐसे में इस कांड में शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी कर मामले को दबाने और रफादफा करने की भी चर्चा है.. वही इधर सिविल लाइन TI शनिप रात्रे का कहना है कि आरोपी योगेश पांडेय की स्थिति सामान्य है,वह जानबुझकर अस्पताल में भर्ती रहने के लिए बीमार होने का बहाना बना रहा है.. पुलिस अफसर बोले-मोबाइल से खुलेगा राज इधर पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी आरोपी योगेश पांडेय का बयान दर्ज किया गया है,उससे पूछताछ के बाद अब उसके मोबाइल का काल डिटेल्स खंगाला जाएगा, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग और संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय के अफसरों की मिलीभगत की पड़ताल की जाएगी,जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी...

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