समस्त शासकीय प्रक्रिया के बाद भी फौती नामान्तरण के लिए बिलासपुर तहसील वसूल रहा पैसा,अधिवक्ताओं ने सबूत के साथ कलेक्टर से की शिकायत..

# Neeraj Makhija | 03 Feb, 2022

बिलासपुर/- तहसील बिलासपुर के विभिन्न काले कारनामों के बाद एक और काला कारनामा सामने आया है जिसमे तहसीलदार प्रकृति ध्रुव की रीडर प्रीति राजगीर पैसा मांगते अधिवक्ता के मोबाइल काल पर रिकॉर्ड हो गई है अधिवक्ता सुगंधा गुप्ता ने कई अधिवक्ताओं के साथ आज कलेक्टर सारांश मित्तर से मिलकर प्रीति राजगीर को निलंबन करने की मांग की है..

मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है पक्षकार गंगाधर तिवारी ने सुगंधा गुप्ता को फौती नामान्तरण का कार्य सौपा था जिसके लिए बिलासपुर तहसील में तहसीलदार प्रकृति ध्रुव के न्यायालय में आवेदन किया गया जिसके बाद तहसीलदार की रीडर प्रीति राजगीर ने फौती नामांतरण के लिए अधिवक्ता सुगंधा गुप्ता से 15 हजार रुपए की मांग की,अधिवक्ता सुगंधा गुप्ता ने उपरोक्त पैसे की मांग को पूरा करते हुए 15 हजार रुपए बतौर रिश्वत के तौर पर रीडर प्रीति राजगीर को दे दी जिसके बाद भी उक्त फौती नामांतरण कार्य के लिए 5 हजार अतिरिक्त रुपए की मांग मोबाइल पर की गई और पैसा नही देने की स्थिति में आवेदक के आवेदन को खारिज करने की धमकी गई.अधिवक्ता सुगंधा गुप्ता ने अतिरिक्त 5 हजार की रिश्वत तहसीलदार की रीडर को उपलब्ध नही कराया तो आवेदक गंगाधर तिवारी के आवेदन को खारिज कर दिया गया

अधिवक्ता सुगंधा गुप्ता जब अधिवक्ताओं की टीम के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुचे तो कलेक्टर पर जमकर बरसे नारेबाज़ी के साथ तहसील को बताया रिश्वतखोरी का अड्डा..

उपरोक्त रिश्वतखोरी के खिलाफ जब कलेक्टर सारांश मित्तर से अधिवक्ता संघ शिकायत करने पहुचा तो कलेक्टर सारांश मित्तर ने संतुष्ट पूर्वक जवाब नही दिया और अधिवक्ताओं को एसीबी में शिकायत करने की सलाह दी,जिसके बाद अधिवक्ता की टीम भड़क गए और तहसील सहित अन्य शासकीय कार्यालय में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा रिश्वतख़ोरी करने के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।अधिवक्ता की टीम ने कलेक्टर सारांश मित्तर के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए,वही अधिवक्ता की टीम ने मिडीया को बताया कि तहसील में बाबू के जरिए अधिकारी पैसो का लेनदेन कर रहे है अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि ऊपर तक पैसा देने का हवाला देकर रिश्वत की मांग की जाती है..

भूमाफियाओं पर मेहरबान है तहसील के अधिकारी,कर्मचारी..

सूत्रों की माने तो भूमाफिया जो जमीन संबंधित काम करते है उनका तहसील के अधिकारी,कर्मचारियों से अच्छा संबंध है ऐसे रसूखदार भूमाफियाओं का नामांतरण एवं सीमांकन फटाफट किया जाता है किंतु उन आवेदकों का नामांतरण व सीमांकन फटाफट नही किया जाता जो गरीब और रसूखदार नही होते है फौती नामान्तरण के लिए अधिवक्ता सुगंधा गुप्ता के अनुसार रीडर प्रीति राजगीर के द्वारा पैसो की मांग के आरोप से स्पष्ट हो रहा है कि बिलासपुर तहसील में शासकीय कार्य के लिए पैसो की मांग की जाती है

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