लॉक डाउन की ओर राज्य,24 घंटे में 698 नए मरीज,बिगड़ते हालात के बीच क्या जल्द ही स्कूल,कालेजों में लटकेंगे ताले..??

# Neeraj Makhija | 04 Jan, 2022

डेस्क/- प्रदेश में स्कूल,कालेजों पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है,नए वर्ष से देश सहित प्रदेश में कोरोना ने एक बार फिर रफ़्तार तेजी से पकड़ ली है,वही देश के कई राज्यों सहित अब छत्तीसगढ़ में भी कोरोना की तीसरी लहर की धमक हो चुकी हैं,कोरोना ने जिस प्रकार से रफ़्तार पकड़ी है उससे प्रदेश में एक बार फिर बहुत जल्द स्कूल,कालेजों में ताले बंदी देखने को मिलने वाली है,शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों सहित वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दे दी है,पुरे विश्व में जिस प्रकार से ओमीक्रान वेरिएंट ने कहर बरपाना शुरू किया है,उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर ओमीक्रान की होगी,देखा जाए तो राज्य में सोमवार को 698 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है...

स्कूल,कालेजों में फिर लटकेंगे ताले-

कोरोना के मामले बढ़ने से केंद्र सहित सभी राज्य सरकार सबसे पहले शैक्षणिक संस्थानों को बंद करती है,क्योंकि सभी शैक्षणिक संस्थानों पर सैकड़ों स्टूडेंट्स एकत्रित होते है,एक बच्चे के संक्रमित होने से सैकड़ों बच्चो तक कोरोना वायरस का संक्रमण पहुँचने का खतरा बना रहता है,पिछले दो लहर में लगभग पुरे देश में 18 माह स्कूल,कालेज सहित सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रही थी,वही राज्य में 02 अगस्त से स्कूल खुले है,स्कूल खुले अभी 5 महीना ही हुए है कि एक बार फिर स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति निर्मित होते हुए दिखाई पड़ रही है।

 कोरोना के आकड़े चौकाने वाले -

प्रदेश में पिछले तीन - चार दिन से कोरोना के आंकड़ों ने चौका दिया है,जहाँ एक सप्ताह पहले 20 से 30 कोरोना के मरीज मिल रहे थे वही अब कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 200 से 700 के लगभग मिलने लगा है,प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 698 कोरोना के आकड़े ने शासन - प्रशासन को एक बार फिर सक्ते में डाल दिया है,कोरोना के रप्तार जिस प्रकार से राज्य सहित पुरे देश में बढ़ रही है उससे कोरोना के तीसरी लहर आने की पूरी संभावना बन गई है,वही इस बार डेल्टा वेरिएंट से भी कई गुना ज्यादा संक्रामक ओमीक्रान का कहर बरपना शुरू हो गया है

सावधानी सहित कोरोना गाइडलाइन का पूर्ण पालन जरुरी -

जिस प्रकार से कोरोना के रफ़्तार बढ़ रहे है उससे कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का समय आ गया है,वही शासन प्रशासन भी पूर्व की भांति सख्त लाकडाउन लगाएं जिससे कोरोना के संक्रमण की चैन को रोका जा सके,कोरोना की स्थिति अब लगातार बढ़ रही है,लेकिन अभी भी बाज़ारों में भारी भीड़,बगैर सोशल डिस्टेंसिंग और बिना मास्क के नजर आ रहे है,वही रायपुर और बिलपसुर नए साल से कोरोना का हॉटस्पॉट बनते हुए दिखाई पड़ रहा है,एक बार सभी नागरिकों को पूर्ण सावधानी बरतने का समय आ गया है। 

खास बात यह है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने की सलाह दी जा रही है,लेकिन इसके बावजूद लोग गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं,सामने आए मरीजों को भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा आइसोलेट किया जा रहा है,इसके अलावा कोविड अस्पताल मरीजों के लिए खोल दिया गया है,हालांकि फिलहाल इसमें मरीज भर्ती नहीं हैं,अधिकांश मरीज घरों में आइसोलेट होकर अपना इलाज करा रहे हैं..

अब यहाँ देखने वाली बात ये है कि स्थानीय प्रशासन क्यो नही सख्त रवैया अपना रहा है आज ये हालात है कल फिर बिगड़ेंगे तो क्या ये अहम मुद्दा नहीं हो जाता है कि हमारे जिले के कलेक्टर को अहतियाततोर पर कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है,सारे स्कूल-कॉलेज,कोचिंग क्लासेस पूरी तरह से खुले है हर तरफ भीड़ का मेला लग रहा है और ऐसी विषम प्रस्तिथियो में में जिला प्रशासन मौन साधे हुए है ये समझ के परे है..

स्कूल में लटकेंगे ताले,फिर शुरू होगी ऑनलाइन पढ़ाई सहित पढ़ाई तुंहर दुआर योजना -

प्रदेश में कोरोना के रफ़्तार ऐसे ही बढ़ते रहे तो बहुत जल्द स्कूल , कालेज सहित सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हो जायेंगे,स्कूलकालेज बंद होते ही पिछले वर्ष की भांति ऑनलाइन क्लास, पढ़ाई तुंहर दुआर, बुल्टू के बोल आदि कार्यक्रम फिर से शुरू हो जायेंगे,वही कोरोना के तीसरी लहर आते ही शिक्षकों की कोरोना ड्यूटी लगाना शुरू भी हो गया है,वही पिछले दो वर्ष में कोरोना ड्यूटी करते हुए 600 - 700 शिक्षकों की मौत हो गई थी,जिसके बाद भी राज्य सरकार अभी भी शिक्षकों को कोरोना वारियर नहीं मान रही है..

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