जमीनों का खेल है निराला "ब्रोकरों" का है बोल बाला जो इनके "जाल" में फंसा उसका निकला दीवाला...

# Neeraj Makhija | 07 Nov, 2024

बिलासपुर - शहर के प्राइम लोकेशन में जमीन दिखाकर शहर के ठग ने 26 लख रुपए में सौदा किया इतना ही नहीं बतौर एग्रीमेंट कर उसने एडवांस के रूप में 5 लख रुपए भी ले लिए और ग्राहक को 14 साल तक चक्कर लगाना पड़ा,इसके बाद भी जब उसे जमीन नहीं दी ना पैसा दिया तो उसने आखिरकार आईजी और एसपी से लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग की हैं..

आपको बता दे की मगरपारा निवासी योगेश ठावरे बीते वर्ष 2011 में मकान बनाने के लिए जमीन तलाश कर रहे थे इसी दरमियान उनकी मुलाकात मोपका निवासी घनश्याम कुशवाहा से हुई उसने रवि शंकर गुप्ता की तरफ से पंजीकृत मुख्तियार अब्दुल कयूम खान को होना बताया और भारतीय नगर तिफरा में खसरा नंबर 682/5 की 2914 वर्ग फुट जमीन 26 लाख 22 हजार रुपए में दिलाने की बात कही

30 दिसंबर 2011 को एग्रीमेंट करके चार लाख रुपये बतौर एडवांस भी ले लिया वही एक महीने बाद फिर से 30 जनवरी 2012 को 1 लाख रुपए नगद लेकर एग्रीमेंट कराया,कुल 5 लख रुपए लेने के बाद भी वह अलग-अलग बहानों से योगेश को घुमाता रहा...

वही एग्रीमेंट के 45 दिन बाद योगेश को पता चला की जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम पर कर दी गई है,तभी योगेश फिर घनश्याम के पास गया,इस दौरान घनश्याम ने उसे भरोसा दिलाया कि वह दूसरी जगह अच्छी जमीन दिलाएगा जिससे योगेश ने एक बार फिर उसपर भरोसा किया. वही 14 साल बाद भी उसने ना तो योगेश को जमीन दिलाई ना ही उसका पैसा वापस किया,जब भी प्रार्थी द्वारा पैसा वापस देने की बात की जाती थी तो घनश्याम द्वारा आनाकानी करता था..

इसके बाद थक हारकर पीड़ित ने सरकंडा थाने में भी इसकी शिकायत की लेकिन वहां से उसे कोई मदद नहीं मिली,जिसके बाद उसने आईजी डॉक्टर संजीव शुक्ला व एसपी रजनीश सिंह से ठग घनश्याम कुशवाहा के खिलाफ लिखित शिकायत की है...

घनश्याम आधा दर्जन लोगों को बना चुका है अपना शिकार

पीड़ित के दोस्त ने उसे बताया कि घनश्याम कुशवाहा का या पहले कारनामा नहीं है इससे पहले भी वह आधा दर्जन से अधिक लोगों से जमीन खरीदी बिक्री के नाम पर ठगी कर चुका है कुछ लोगों को कोर्ट जाने के बाद उसने पैसा लौटाए तो वहीं कुछ अभी भी रूपयों के लिए उसके चक्कर लगा ही रहे हैं बहरहाल अब देखना होगा कि प्रार्थी योगेश को कब तक न्याय मिल पाता है...

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